Article summary
Abstract
यह अध्ययन झारखंड राज्य के धालभूमगढ़ प्रखंड के पाँच गाँवों कृ बेहरा, चुखरीपाड़ा, जोनबानी, मौदाशोली और रौतारा- में स्थित आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण में प्रशासनिक एवं सामाजिक अवसरों की भूमिका का विश्लेषण करता है। भारत जैसे बहुसांस्कृतिक और विविधतापूर्ण देश में आदिवासी समाज की विशेष सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियाँ हैं, जो महिलाओं की स्थिति को प्रभावित करती हैं। इस शोध में यह समझने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार प्रशासनिक अवसर-जैसे सरकारी योजनाएं, पंचायत प्रतिनिधित्व, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायताकृऔर सामाजिक अवसरकृशिक्षा, स्वास्थ्य, स्वयं सहायता समूह आदि-आदिवासी महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक सशक्तिकरण में सहायक हैं। धालभूमगढ़ जैसे पिछड़े आदिवासी क्षेत्रों में, जहां पारंपरिक सामाजिक ढांचे, लैंगिक भेदभाव और संसाधनों की कमी मौजूद है, महिलाओं को अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इस संदर्भ में प्रशासनिक और सामाजिक संसाधनों की प्रभावशीलता और उनकी पहुंच को समझना आवश्यक है। यह शोध स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और समुदाय के सहयोग से महिलाओं के विकास के लिए उपलब्ध अवसरों की भूमिका को उजागर करता है।
