पारिस्थितिकी तंत्र एवं पर्यावरण संरक्षण
Published Date: 10-01-2026 Issue: Vol. 2 No. 1 (2026): January-February 2026 Published Paper PDF: Download
प्रारम्भिक अनुच्छेद- पर्यावरण के जैविक एवं अजैविक कारकों के परस्पर सम्बन्धों को पारिस्थितिकी तंत्र कहा जाता है। वैदिककाल से ही मानव प्रकृति अर्थात् जलवायु, अग्नि, सूर्य, वर्षा, पेड़-पौधों एवं किसी अज्ञात शक्ति जिसके द्वारा ही यह सम्पूर्ण संसार रचित है की पूजा करता आया है। विज्ञान, तकनीकी और संचार से बनती हुई इक्कीसवीं सदी ने निःसन्देह दुनिया के भूगोल को तथा वर्तमान समय को पूर्णरूपेण परिवर्तित कर दिया है। यांत्रिक सभ्यता ने जहाँ मानव सभ्यता को विकास के चरम उत्कर्ष पर लाकर खड़ा कर दिया हैं वहीं उसने मानव जीवन के समक्ष असंख्य कठिनाइयाँ एवं चुनौतियाँ भी उपस्थित कर दी हैं। इसके साथ-ही-साथ औद्योगिकीकरण और मशीनीकरण के बढ़ते हस्तक्षेप ने प्रकृति, वातावरण तथा जलवायु को गम्भीर नुकसान भी पहुँचाया है।